दुर्ग। मजदूरों की लंबित मांगों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) 17 अगस्त 2026 को देशव्यापी आंदोलन करेगा। आंदोलन के तहत देशभर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन, रैली और धरना आयोजित कर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बीएमएस के केंद्रीय कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार 28 राज्य इकाइयां और 42 उद्योग महासंघ आंदोलन में शामिल होंगे। दुर्ग जिले में डॉ. राजेंद्र प्रसाद चौक पर धरना देने के बाद रैली निकाली जाएगी और जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री एवं श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा।
स्कीम वर्कर्स के लिए श्रमिक दर्जे की मांग
बीएमएस ने आंगनबाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित स्कीम वर्कर्स की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्हें पर्याप्त मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों के अधिकारों का लाभ देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को केवल योजना आधारित कर्मी मानना उचित नहीं है।
न्यूनतम वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग
बीएमएस ने ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह करने, न्यूनतम वेतन ₹30,000 निर्धारित करने तथा ईएसआई और ईपीएफ की पात्रता सीमा बढ़ाने की मांग रखी है। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों के लिए समान कार्य के समान वेतन, बोनस एवं ग्रेच्युटी में सुधार और सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की मांग भी शामिल है।
संगठन ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू करने तथा श्रमिक हितों से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की है। बीएमएस ने केंद्र सरकार से भारतीय श्रम सम्मेलन बुलाकर ट्रेड यूनियनों के साथ व्यापक संवाद शुरू करने का भी आग्रह किया है।
बीएमएस का कहना है कि श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किए बिना समावेशी आर्थिक विकास संभव नहीं है। 17 अगस्त का आंदोलन इन मांगों को लेकर सरकार तक श्रमिकों की आवाज पहुंचाने का प्रयास होगा।
मजदूर अधिकारों को लेकर 17 अगस्त को बीएमएस का देशव्यापी आंदोलन








