दुर्ग। अगर आपको लगता है कि पान की दुकान पर सिर्फ सुपारी, बीड़ी और सिगरेट ही बिकते हैं… तो जरा ठहरिए! नेवई थाना पुलिस ने एक ऐसे “इनोवेटिव पानवाले” को धर दबोचा, जो अपने ठेले पर गोगो पेपर (यानी मादक पदार्थ पीने का साधन) भी बेच रहा था।

टंकी मरोदा, मैत्री गार्डन चौक
मुख्य किरदार: उपेंद्र शाह (पान ठेला संचालक)
मामला क्या है?
पुलिस के अनुसार, उपेंद्र शाह को पहले कई बार समझाया गया था
“भाई, बीड़ी-सिगरेट ही बेच, गोगो पेपर छोड़!”
लेकिन साहब को शायद “बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन” का शौक था। नतीजा यह हुआ कि लोगों में आक्रोश बढ़ा और मामला सीधे ऑपरेशन विश्वास – नशा मुक्ति अभियान के रडार पर आ गया।
पुलिस की “स्मार्ट एक्शन टीम”
थाना प्रभारी कमल सिंह सेंगर, हेमंत चंदेल और चंदन भास्कर ने ठेले पर छापा मारा और 25 नग गोगो पेपर जब्त कर लिए। इसके बाद उपेंद्र शाह पर धारा 126, 135(3) BNSS के तहत इस्तगासा तैयार कर एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया गया।
लोग बोले
“गुटखा ठीक है, लेकिन गोगो पेपर का कॉम्बो पान ठेले पर? ये तो हद ही हो गई!”
दुर्ग का यह पान ठेला फिलहाल “सुपर शॉप” बनने से पहले ही पुलिस के शिकंजे में आ गया। अब इलाके के लोग चैन की सांस ले रहे हैं और पुलिस का कहना है
“नशे की दुकानों को ताला लगेगा, चाहे वो पान ठेला ही क्यों न हो!”








