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उलेरा में नाबालिग का विवाह प्रशासन ने समय रहते रोका

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांवकोंडागांव, जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम उलेरा में प्रस्तावित एक बाल विवाह को जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने समय रहते रोक दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा चाइल्ड लाइन की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग बालक का विवाह संपन्न होने से पहले ही निरस्त कराया गया।

सूचना मिलते ही संयुक्त दल ने की कार्रवाई

विभागीय सूचना प्राप्त होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश के निर्देशानुसार एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री नरेन्द्र सोनी के मार्गदर्शन में संयुक्त दल का गठन किया गया। टीम ने 23 जून को विवाह स्थल पहुंचकर मामले की जांच की।

दस्तावेजों की जांच में नाबालिग पाया गया वर

जांच के दौरान वर-वधु के शैक्षणिक एवं राजस्व अभिलेखों का अवलोकन किया गया। दस्तावेजों के अनुसार वर की जन्मतिथि 25 जुलाई 2007 पाई गई, जिससे उसकी आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी आयु से कम थी। वहीं वधु बालिग पाई गई।

परिवार और ग्रामीणों को दी गई समझाइश

संयुक्त दल ने दोनों पक्षों के परिजनों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, इसके कानूनी प्रावधानों तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने समझाइश देकर विवाह स्थगित करने की अपील की, जिस पर दोनों परिवार सहमत हो गए।

निर्धारित आयु पूर्ण होने पर विवाह के लिए सहमति

परिजनों ने प्रशासन के समक्ष यह सहमति दी कि बालक की निर्धारित वैधानिक आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद सरपंच, पंचगण, ग्रामीणों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

कार्रवाई में थाना माकड़ी के पुलिसकर्मी, परिवीक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। संयुक्त दल की तत्परता से एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया और बाल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की गई।

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