ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव,महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर कोण्डागांव ने साइबर शोषण की शिकार एक युवती को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। काउंसिलिंग, कानूनी सहायता और पुलिस समन्वय के माध्यम से आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।
विश्वास में लेकर किया धोखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती ने सखी वन स्टॉप सेंटर में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक ने स्वयं को अविवाहित बताकर लगभग एक वर्ष तक उससे संपर्क बनाए रखा और विश्वास में लिया। बाद में युवती को पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है तथा दो बच्चों का पिता है।
काउंसिलिंग और कानूनी सहायता से बढ़ाया मनोबल
प्रकरण दर्ज होने के बाद सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने पीड़िता की नियमित काउंसिलिंग की। उसे मानसिक, सामाजिक और कानूनी सहयोग प्रदान करते हुए उचित मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही पीड़िता के परिजनों को भी पूरे मामले की जानकारी देकर सहयोग के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार
केंद्र द्वारा पुलिस सहायता उपलब्ध कराए जाने के बाद आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पीड़िता को न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
महिलाओं को मिल रही बहुआयामी सहायता
उल्लेखनीय है कि कोंडागांव जिले में 10 मार्च 2017 से संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और बालिकाओं को आपातकालीन चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, काउंसिलिंग, अस्थायी आश्रय एवं संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
अब तक 2065 प्रकरणों का हुआ पंजीयन
केंद्र में अब तक 2065 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 1034 घरेलू हिंसा, 86 प्रेम प्रसंग तथा 99 भटकती महिलाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके अलावा 795 महिलाओं एवं बालिकाओं को अस्थायी आश्रय प्रदान कर उनके मामलों का सफल निराकरण किया गया है।
सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध है हेल्पलाइन
महिलाएं एवं बालिकाएं किसी भी प्रकार की सहायता, संरक्षण या परामर्श के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर 24 घंटे संपर्क कर सकती हैं।








