रवि गहने खैरागढ़/छुईखदान-गंडई। ग्राम पंचायत केकराजबोर्ड में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी टंकी ग्रामीणों के लिए अब तक केवल शोपीस बनकर रह गई है। वर्ष 2021 में स्वीकृत इस योजना का कार्य करीब 4 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे गांव में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों ने अधूरे कार्य और लापरवाही को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक किसी हैंडपंप से पाइप कनेक्शन नहीं जोड़ा गया और न ही घरों तक नियमित जल सप्लाई शुरू हुई। कई जगह पाइप लाइन बिछाने के लिए सीसी रोड तोड़ दिए गए, लेकिन रिपेयरिंग नहीं होने से बरसात में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि योजना की लगभग 70 प्रतिशत राशि जारी हो चुकी है, बावजूद इसके कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। गांव के केवल 25 से 30 घरों तक ही नल कनेक्शन लगाए गए हैं, जबकि बाकी घरों में काम अधूरा छोड़ दिया गया है। पानी टंकी परिसर में न बाउंड्री वॉल बनाई गई है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार बच्चे अक्सर टंकी पर चढ़ जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि योजना स्थल पर लगी नेम प्लेट तक नीचे गिर चुकी है और ठेकेदार अपनी मनमानी से काम कर रहा है। जहां अन्य ग्राम पंचायतों में नई पानी टंकियां शुरू होकर लोगों को लाभ मिल रहा है, वहीं केकराजबोर्ड के ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना को धरातल पर उतारा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
केकराजबोर्ड में चार साल बाद भी अधूरी जल योजना, ग्रामीण परेशान








