मौत के बाद भी बेइज्जती! 30 लाख का स्वर्ग रथ बना सवालों का रथ
रिसाली में अंतिम यात्रा भी इंतजार के भरोसे, नई गाड़ी पर उठे बड़े सवाल
रिसाली। नगर निगम रिसाली में खरीदे गए नए स्वर्ग रथ को लेकर शहर में जबरदस्त चर्चा छिड़ गई है। लोगों का आरोप है कि जिस गाड़ी को अंतिम यात्रा के सम्मान के लिए खरीदा गया, उसी की उपयोगिता पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहर में लंबे समय से सिर्फ एक स्वर्ग रथ के भरोसे अंतिम संस्कार की व्यवस्था चल रही थी। हालात ऐसे बनते रहे कि एक ही दिन में ज्यादा मौत होने पर परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। हाल ही में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक के बाद एक शवों को मुक्तिधाम पहुंचाने में काफी देरी हुई।
इसी समस्या के समाधान के लिए करीब 30 लाख रुपए की लागत से नया स्वर्ग रथ खरीदा गया। लेकिन अब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वाहन के आकार और डिजाइन को लेकर कई तकनीकी सवाल सामने आ रहे हैं।
चर्चा यह भी है कि वाहन में पर्याप्त जगह और पीछे के हिस्से की बनावट को लेकर सुधार की जरूरत पड़ सकती है। मामला सामने आने के बाद वाहन को परीक्षण और संधारण के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल अब यही उठ रहा है कि आखिर वाहन की तकनीकी जांच और गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर किया गया था? क्या सार्वजनिक उपयोग के ऐसे महत्वपूर्ण वाहन की पूरी जांच के बाद ही उसे स्वीकृति दी गई थी?
वहीं पार्षद वार्ड 36 रोहित धनकर राजस्व, वाहन,बाजार प्रभारी ने भी मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसी प्रकार पार्षद एवं प्रभारी द्वारा संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर फाइल और स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर जानकारी लेने की कोशिश की गई। इस दौरान NSPCL से जुड़े फंड जारी होने और प्रक्रिया संबंधी जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
अब शहर में लोग सवाल पूछ रहे हैं कि करोड़ों के विकास के दावों के बीच क्या अंतिम यात्रा जैसी मूलभूत व्यवस्था भी अब जांच और विवाद का विषय बन गई है?








