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“क्राइम ब्रांच वाले निकले क्राइम फ्रॉडिये!” – पुलिस की एक्टिंग में 24 हजार की वसूली, लेकिन असली पर्दा तो स्मृति नगर पुलिस ने उठाया

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दुर्ग! “क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूँ…”ये डायलॉग अब आपको किसी सीरियल में नहीं, बल्कि दुर्ग के इमली तालाब के पास सुनने को मिल सकता था – जहां कुछ ‘भाई लोग’ नकली पुलिस बनकर असली ठगी कर रहे थे!



दरअसल, शातिर बदमाशों के एक गिरोह ने पूरी प्लानिंग से खुद को “क्राइम ब्रांच का अधिकारी” बताकर एक सीधे-सादे लेखापाल को पहले डराया, फिर धमकाया और आखिरकार उससे 24000 रुपये ठग लिए। और हद तो तब हो गई जब ठगी के लिए थप्पड़ स्क्रिप्ट भी तैयार थी – जी हां, प्रार्थी को “ऑफिसियल थप्पड़” भी पड़ा!

फोन आया – स्क्रिप्ट शुरू

प्रार्थी दुर्गा प्रसाद नायक के मुताबिक, उन्हें 27 जून को एक फिल्मी स्टाइल में कॉल आया –
“आपका दोस्त किशोर उर्फ रॉकी एमबीबीएस पकड़ाया है… और उसने आपके मोबाइल का भी नाम ले लिया है!”
सुनते ही बेचारे दुर्गा बाबू इमली तालाब पहुंच गए… और यहीं शुरू हुआ फर्जी ‘क्राइम ब्रांच स्पेशल ऑपरेशन’।

पुलिस की एक्टिंग, मारपीट और फिर ATM चलो

एक बाइक सवार आया – खुद को क्राइम ब्रांच अफसर बताया, और एकदम मूड में आकर थप्पड़ भी रसीद दिया। डर के मारे पीड़ित जब हिल गए तो बाकी ‘सहयोगी कलाकार’ रॉकी, वेदान्त और अमन उर्फ शोहेब ने कहा –
24000 दो, वरना चोरी के केस में फंसा देंगे!”

और क्या… बेचारे दुर्गा बाबू को ‘मोबाइल चोरी का आरोपी’ बनाए जाने के डर से वे ATM ले जाया गया और 24000 की ‘फटाफट वसूली’ कर ली गई।

स्मृति नगर पुलिस ने फाड़ा फर्जीवाड़े का परदा

प्रार्थी ने जैसे-तैसे हिम्मत जुटाई और सुपेला थाने की चौकी स्मृति नगर में शिकायत दर्ज कराई। जांच में जब पुलिस ने स्थानीय ‘गुंडा बदमाश’ फ्लेक्स पर निगाह डाली – तो वही ‘क्राइम ब्रांच अधिकारी’ भूपेन्द्र सोनी की पहचान हो गई!

जैसे ही पुलिस पहुंची – फ्लैट में घुसकर सभी किरदारों को गिरफ्तार किया, जिनसे बरामद हुए:

03 मोबाइल

नगद 3000 रुपये

01 मोटर सायकल (कीमत: 90,000 रुपये)
कुल मिलाकर ₹1.5 लाख का “ठगी का टोटल कलेक्शन”!


फिल्मी बैकग्राउंड वाले आरोपी

भूपेन्द्र सोनी: जिनके खिलाफ पहले से 5 केस स्मृति नगर में और 1 केस जामुल में दर्ज।

वेदान्त चौरसिया: स्क्रिप्ट राइटर कॉल करने वाला।

शोहेब उर्फ अमन: डराने धमकाने और ATM ड्राइव में एक्टिव पार्ट।


पुलिस टीम की सुपरहिट परफॉर्मेंस

इस केस को सुलझाने में स्मृति नगर चौकी के सब इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह संधु और उनकी टीम – सविंदर सिंह, हर्षित शुक्ला, अनिकेत चंद्राकर, कौशलेन्द्र सिंह और कमल नारायण की भूमिका सुपरहिट रही।


नोट: अगली बार कोई “क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूँ” कहे – तो कॉल डिटेल निकालें, पुलिस को बताएं… और हां, थप्पड़ खाने मत जाइए!

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