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महिला सशक्तिकरण योजनाओं से बदली ग्रामीण परिवारों की तस्वीर आज

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य तथा सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत

महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर और श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से मिलने वाली राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना

कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में बेहतर पोषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

गोद भराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं का सम्मान

गोद भराई कार्यक्रम के तहत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ मजबूत पहल

कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण में मदद मिल रही है।

सक्षम योजना और महिला कोष से बढ़ रही आत्मनिर्भरता

कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के तहत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता तथा आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।

किशोरियों को वितरित की गई हाइजीन किट

कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज की नींव होती है।

बच्चों की देखभाल में सहभागिता के लिए किया सम्मानित

कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल और आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है तथा परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

जनकल्याणकारी योजनाओं से बढ़ रहा जनता का विश्वास

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

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