ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय कोंडागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान पांच वर्ष पुराने आपराधिक प्रकरण का आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था मामला
माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय कोंडागांव में लंबित आपराधिक प्रकरण क्रमांक 887/2022, छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध सुभाशिष दास में आरोपी द्वारा प्रार्थी एवं उसके पिता के साथ शराब के नशे में अश्लील गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था।
प्रार्थी के अनुसार आरोपी आए दिन इस तरह की हरकतें करता था, जिससे परेशान होकर वर्ष 2022 में थाना फरसगांव में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था।
लोक अदालत में हुई समझाइश
प्रकरण साक्ष्य के स्तर पर लंबित था। नेशनल लोक अदालत के पूर्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारी एवं अधिवक्ताओं द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर प्री-सिटिंग के माध्यम से समझाइश दी गई थी।
लोक अदालत के दिन दोनों पक्षों को नोटिस के माध्यम से उपस्थित कराया गया, जहां खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी, सदस्य एवं अधिवक्ताओं ने मिलकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और विवाद समाप्त करने के लिए प्रेरित किया।
आरोपी ने स्वीकार की गलती
समझाइश के बाद आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए प्रार्थी एवं उसके पिता से माफी मांगी। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार का विवाद नहीं करने का संकल्प लिया।
इसके बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से राजीनामा करने के लिए तैयार हुए और नेशनल लोक अदालत में समझौते के आधार पर प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
पक्षकारों को वितरित किए गए पौधे
प्रकरण के सफलतापूर्वक निराकरण होने पर खंडपीठ क्रमांक-03 के पीठासीन अधिकारी, सदस्य एवं अधिवक्ताओं द्वारा दोनों पक्षकारों को पौधे वितरित कर आपसी सौहार्द और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।








