ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मण्डी प्रांगण से लगे क्षेत्र में बनने वाले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, कोण्डागांव के निर्माण कार्य का वर्चुअल माध्यम से भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।
बेहतर न्यायिक अवसंरचना पर दिया जोर
मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के सभी न्यायिक जिलों को आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त न्यायिक अवसंरचना उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर भवन, तकनीक और सुविधाओं से न्यायपालिका से जुड़े हितधारकों एवं आम जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय मिल सकेगा।
न्यायिक ढांचे में तेजी से हो रहा सुधार
उन्होंने कहा कि पूर्व में जिला न्यायपालिका का बुनियादी ढांचा काफी कमजोर था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में न्यायमूर्तियों एवं विभिन्न हितधारकों के सहयोग से न्यायिक अवसंरचना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा रहा है।
समयसीमा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
मुख्य न्यायाधिपति ने निर्माण एजेंसियों से भवन निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण सामग्री एवं सभी मानकों के अनुरूप पूरा करने की अपेक्षा व्यक्त की।
वर्ष 2013 से पुराने भवन में संचालित हो रहा न्यायालय
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में सिविल जिला बनने के बाद से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जनपद पंचायत के पुराने भवन में संचालित हो रहा है। नए भवन के निर्माण से न्यायालय को आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त परिसर उपलब्ध होगा।
न्यायिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश श्री संजय कुमार जायसवाल भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वहीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।








