ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘भारत की जनगणना 2027’ के प्रथम चरण की शुरुआत के साथ ही डिजिटल प्रक्रिया को लेकर नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य में पहली बार पूरी तरह कागजरहित और डिजिटल माध्यम से जनगणना की जा रही है।
हजारों लोगों ने किया ऑनलाइन पंजीकरण
आधिकारिक पोर्टल शुरू होते ही प्रदेशभर से पंजीकरण का सिलसिला तेज हो गया। अब तक करीब 13,400 लोगों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 9,002 नागरिकों ने सफलतापूर्वक अपनी स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया पूरी कर ली है।
डिजिटल प्रक्रिया से आसान हुई जनगणना
इस बार जनगणना प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया गया है। नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP आधारित लॉगिन कर अपने परिवार की पूरी जानकारी स्वयं दर्ज कर रहे हैं। इसमें आवास, पेयजल, ऊर्जा स्रोत और परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल है।
CRN नंबर से होगा त्वरित सत्यापन
प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक नागरिक को एक डिजिटल संदर्भ संख्या (CRN) प्रदान की जा रही है। भविष्य में प्रगणक इसी CRN के माध्यम से डेटा का त्वरित और सटीक सत्यापन करेंगे।
62,500 कर्मचारियों की टीम तैनात
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के 33 जिलों और लगभग 19,978 गांवों में 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। इसमें 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
हेल्पलाइन 1855 से मिल रही सहायता
नागरिकों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जहां तकनीकी सहायता और समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और विकास योजनाओं के निर्माण में किया जाएगा।
नागरिकों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील
केंद्र और राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों से इस डिजिटल पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। पहले दिन के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि छत्तीसगढ़ के नागरिक इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।








