ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव,जिले की कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा देने के उद्देश्य से बस्तर सांस्कृतिक साहित्य एवं कला परिषद, जिला कोंडागांव का गठन किया गया। इस अवसर पर जिले के कलाकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें परिषद की जिला समिति के विस्तार सहित विभिन्न सांस्कृतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कला और संस्कृति के संरक्षण पर हुआ विचार-विमर्श
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की समृद्ध कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कलाकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बेहतर मंच
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही बस्तर की पारंपरिक लोक कला, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
कलाकारों के पंजीयन और प्रशिक्षण पर भी चर्चा
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य कलाकारों, साहित्यकारों और कला प्रेमियों को एक मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। बैठक में कलाकारों के पंजीयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से कलाकारों को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।
सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प
बैठक में उपस्थित सभी कलाकारों और साहित्यकारों ने परिषद की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। साथ ही जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नव निर्वाचित अध्यक्ष ने जताया आभार
बैठक में जिले के वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री गोकुल वैद्य ने सभी उपस्थित कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए परिषद के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।
परिषद के गठन से जिले की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








