दुर्ग । जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरमरीकला में 12 अप्रैल 2026 को एक यादगार और भावुक पल देखने को मिला। सत्र 2001 से 2008 तक के पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के सम्मान में भव्य मिलन समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन स्कूल के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुआ, जिसने सभी को भावुक कर दिया।
गुरुजनों का सम्मान, गर्व का पल
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य एफ.आर. कोसरिया, चन्द्रहास वैका, बसंत कुमार सोनी समेत कई वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं वर्तमान प्राचार्य पूरण लाल साहू, शिक्षकगण और अन्य गणमान्य अतिथियों का भी पुष्पगुच्छ, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।
बरसों बाद मिला साथ, छलकी खुशियां
करीब दो दशकों बाद जब पुराने साथी और गुरु एक मंच पर आए, तो माहौल भावुक हो उठा। पुराने दिनों की यादें ताजा हुईं, हंसी-खुशी के बीच कई लोग भावनाओं में डूबे नजर आए।
श्रद्धांजलि से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से की गई। इसके बाद विद्यालय के शहीद पूर्व छात्र डोमेश्वर साहू को श्रद्धांजलि दी गई, जिससे माहौल श्रद्धा से भर गया।
संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का रंग
लोक गायक संजू साहू और उनकी टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। गीत-संगीत और नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रीति भोज और आयोजन की खासियत
आयोजन के दौरान प्रीति भोज की व्यवस्था भी की गई, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया। इस सफल आयोजन में मदन साहू, कुलेश्वर साहू, देवप्रभा साहू सहित कई पूर्व छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इतिहास में दर्ज हुआ खास आयोजन
लगभग दो वर्षों की तैयारी के बाद यह आयोजन साकार हो पाया। अरमरीकला स्कूल के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण बन गया।
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के रिश्तों, सम्मान और यादों का ऐसा उत्सव था, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।








