रिसाली | छत्तीसगढ़ के रिसाली नगर निगम की सत्ता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कांग्रेस की पार्षद और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की भांजी सीमा साहू ने बुधवार को कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इसके बाद नगर निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 20, जबकि कांग्रेस के पार्षद 19 ही रह गए हैं। सीमा साहू का भाजपा में शामिल होना न सिर्फ कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका है, बल्कि यह नगर निगम की सत्ता संतुलन को भी बिगाड़ने वाला बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
सांसद विजय बघेल के घर हुआ बीजेपी में प्रवेश
बुधवार को सीमा साहू ने दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चंद्राकर और जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की मौजूदगी में सेक्टर-5 स्थित बंगले पर भाजपा प्रवेश किया। इस मौके पर उन्हें पार्टी गमछा पहनाकर भाजपा में विधिवत स्वागत किया गया।
पूर्व गृहमंत्री की भांजी का निर्णय कांग्रेस के लिए करारा झटका
सीमा साहू, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एमआईसी (महापौर परिषद) सदस्य थीं और कभी महापौर पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार मानी जाती थीं। लेकिन अंतिम समय में उनके मामा और तत्कालीन गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने शशि सिन्हा को महापौर बनाया था, जिससे सीमा राजनीतिक रूप से हाशिये पर चली गईं।
भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए छोड़ी कांग्रेस
बीजेपी में शामिल होते ही सीमा साहू ने रिसाली की महापौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा –
“रिसाली महापौर के कार्यों में पारदर्शिता नहीं है। एमआईसी चैंबर में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई जाती है। अफसरों पर गलत तरीके से दबाव डाला जाता है। मैं इस तरह की राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकती। इसलिए मैंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने का निर्णय लिया है।”
पहले भी 5 पार्षद छोड़ चुके हैं कांग्रेस
रिसाली नगर निगम में कांग्रेस पहले से ही भीतरघात से जूझ रही थी। सीमा साहू से पहले 5 पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं:
सरिता देवांगन – वार्ड 14
ईश्वरी साहू – वार्ड 15
परमेश्वर कूमार (पिंटू) – वार्ड 33
चंद्रप्रकाश निगम – वार्ड 20
सारिका प्रेम साहू – वार्ड 3
इस राजनीतिक टूट-फूट ने कांग्रेस की स्थिति और कमजोर कर दी है।
नगर निगम का समीकरण बिगड़ा, कांग्रेस सरकार पर संकट
रिसाली नगर निगम में कुल 40 पार्षद हैं। हाल ही में भाजपा के एक पार्षद के निधन से यह संख्या घटकर 39 रह गई थी। सीमा साहू के भाजपा में प्रवेश के बाद भाजपा के पार्षदों की संख्या 20 हो गई है, जबकि कांग्रेस के पास अब 19 ही पार्षद हैं। आगामी उपचुनाव तक यह स्थिति राजनीतिक अस्थिरता बनाए रखेगी।
क्या पलटेगी शहर सरकार?
भाजपा अब स्पष्ट बहुमत के करीब पहुंच चुकी है और नगर निगम की कमान अपने हाथ में लेने के प्रयास तेज कर सकती है। भाजपा नेताओं का दावा है कि “सीमा साहू जैसे समर्पित पार्षद के आने से पार्टी और मजबूत हुई है। जल्द ही नगर निगम में स्थिति बदल सकती है।”
रिसाली नगर निगम में कांग्रेस को बड़ा झटका : पूर्व गृहमंत्री की भांजी सीमा साहू BJP में शामिल








