उतई/दुर्ग। दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बकाया बिजली बिल के चलते ग्राम पंचायत भवनों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का मामला सामने आया है। अंडा क्षेत्र की रिसामा, चिरपोटी, मतवारी, अंडा, अछोटी, जंजगिरी और मचांदूर समेत कई ग्राम पंचायत भवनों की बिजली बकाया राशि के कारण काटे जाने की जानकारी दी गई है। इससे पंचायतों के नियमित और ऑनलाइन कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
जनपद सदस्य एवं किसान नेता ढालेश साहू ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, मनरेगा, राशन और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े कई कार्य ऑनलाइन होते हैं। ऐसे में पंचायत भवनों की बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
साहू ने यह भी कहा कि अंडा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में करीब एक सप्ताह से बिजली बंद होने की जानकारी मिली है। उनके अनुसार इससे बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कई पंचायतों पर पुराने बिजली बिल का बकाया बताया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों पुराने बकाये का पूरा भुगतान वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों के लिए चुनौती है। ऐसे में उन्होंने ब्याज और अधिभार में राहत देकर समाधान का रास्ता निकालने की मांग की है।
साहू ने आशंका जताई कि यदि बिजली कटौती का असर स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था से जुड़े मोटर पंपों तक पहुंचा तो ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है। उन्होंने शासन और संबंधित विभाग से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की।
उन्होंने मांग की कि दुर्ग जिले की ग्राम पंचायतों को बिजली बिल समाधान योजना (OTS) में शामिल किया जाए, पुराने बकाये पर ब्याज एवं अधिभार में राहत दी जाए तथा पंचायतों को बकाया राशि के समाधान के लिए उचित वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पंचायत भवनों की बिजली आपूर्ति बहाल रखने की मांग की गई है।
नोट: पंचायतों की संख्या, बकाया राशि और बिजली कटौती की स्थिति के आधिकारिक आंकड़े संबंधित विभाग से पुष्टि किए जाने बाकी हैं।
बिजली बकाया के चलते पंचायत भवनों की बिजली कटौती, OTS में शामिल करने की मांग








