छत्तीसगढ़ में इन दिनों आम जनता महंगी बिजली दरों और रियायत बंद होने की दोहरी मार से जूझ रही है। पहले से ही बढ़ी हुई बिजली दरों ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है, और अब 400 यूनिट तक मिलने वाली रियायत बंद होने से घरों का खर्च और बढ़ गया है। इस फैसले से आम नागरिकों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर सीधा असर पड़ा है।
जनता की इस परेशानी को लेकर आज भारतीय युवा कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ कांकेर कलेक्टोरेट में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा ने किया।
कांकेर की सड़कों पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता “बिजली चोर गद्दी छोड़” और “जनता पर दोहरी मार नहीं चलेगी” जैसे नारों के साथ उतर पड़े। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आम लोगों के मुद्दों से पूरी तरह बेखबर हो चुकी है और केवल कारपोरेट घरानों के हित में फैसले ले रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस सरकार थी, तब आम उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की बिजली पर भारी रियायत मिलती थी, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत थी। मगर अब इस रियायत को समाप्त कर जनता को आर्थिक बोझ तले दबा दिया गया है।
युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार बिजली दरों को कम नहीं करती और पुरानी रियायत योजना को बहाल नहीं करती, तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बिजली का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के हक़ और जीवन यापन से जुड़ा प्रश्न है।
प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा —
“जनता के साथ विश्वासघात करने वाली सरकार को अब जनता जवाब देगी। बिजली जैसी बुनियादी सुविधा पर राजनीति करना जनता के साथ अन्याय है।”
वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा कि युवा कांग्रेस जनता के हक़ की लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है, आगे पूरे प्रदेश में इस महंगी बिजली नीति के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा।
प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा और मांग की कि सरकार तुरंत बिजली दरों में कटौती करे तथा रियायत योजना फिर से लागू करे।
कांकेर का यह प्रदर्शन अब प्रदेशव्यापी जनआंदोलन की रूपरेखा लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की सियासत में गर्मी बढ़ा सकता है।
महंगी बिजली और बंद रियायत से जनता परेशान, कांकेर में युवा कांग्रेस का जोरदार कलेक्टोरेट घेराव








