ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, फरसगांव और केशकाल पुलिस ने शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। मामले में पुलिस ने मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
43 शिक्षकों से करोड़ों की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जिले के फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी सहित अन्य क्षेत्रों के 43 शिक्षकों को झांसे में लेकर विभिन्न बैंकों से पर्सनल लोन स्वीकृत कराया। इसके बाद लोन राशि का लगभग 40 प्रतिशत पीड़ितों को देकर शेष 60 प्रतिशत अपने और साथियों के खातों में स्थानांतरित कर लिया। इस तरीके से करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
चार अलग-अलग मामलों में दर्ज हुए अपराध
फरसगांव और केशकाल थानों में पीड़ित शिक्षकों की शिकायत पर कुल चार प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें भारतीय दंड संहिता तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी कई वर्षों से संगठित गिरोह के रूप में सक्रिय थे। वे शिक्षकों को यह विश्वास दिलाते थे कि विभिन्न बैंकों से एक साथ कई पर्सनल लोन दिलाकर उसका भुगतान स्वयं करेंगे। लोन स्वीकृत होने पर राशि का केवल 40 प्रतिशत पीड़ितों को दिया जाता था, जबकि शेष राशि आरोपी अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड तैयार कर बैंक में जमा किए गए, जिनमें पीड़ितों के पते तक बदल दिए गए थे।
तीन माह तक चला तकनीकी विश्लेषण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी फरसगांव श्री अभिनव उपाध्याय एवं एसडीओपी केशकाल श्री अरुण नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करीब तीन माह तक बैंक खातों, लोन दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपी दिलीप कुमार सोनी, अंशुमान सिंह और शिवशंकर दास को अंबिकापुर, विरेन्द्र तिर्की को जशपुर तथा श्यामसुन्दर जांगड़े को सारंगढ़ जिले से गिरफ्तार किया। शिवशंकर दास पहले से अंबिकापुर जेल में निरुद्ध था, जिसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
महत्वपूर्ण सामग्री जब्त
आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित बैंक एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पूरे अभियान में एसडीओपी फरसगांव श्री अभिनव उपाध्याय एवं एसडीओपी केशकाल श्री अरुण नेताम के नेतृत्व में फरसगांव और केशकाल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन माह तक लगातार तकनीकी विश्लेषण, दस्तावेजों की जांच और विभिन्न जिलों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में टीम ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की।








