ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोण्डागांव,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम चंदागांव में इसका प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहां जन्मजात बीमारी से पीड़ित एक मासूम बच्चे को उपचार की नई उम्मीद मिली।
जन्म से क्लब फुट बीमारी से पीड़ित था आरुष
जानकारी के अनुसार ग्राम चंदागांव निवासी मास्टर आरुष नेताम जन्म से ही दोनों पैरों की जन्मजात विकृति ‘क्लब फुट’ से पीड़ित था। इस कारण उसे चलने-फिरने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
05 मई 2026 को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में आरुष के पिता फूलसिंह नेताम और माता सोमनाई नेताम ने आवेदन प्रस्तुत कर अपने बच्चे के उपचार की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई तत्परता
आवेदन मिलते ही फरसगांव स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। स्वास्थ्य विभाग के आरएमए प्रभास देबनाथ स्वयं बच्चे के घर पहुंचे और उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर चिरायु टीम से समन्वय स्थापित किया गया।
रायपुर में शुरू हुआ विशेष उपचार
स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लगातार प्रयास एवं फॉलोअप के बाद मास्टर आरुष नेताम को रायपुर स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका विशेष उपचार प्रारंभ हो चुका है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही शासन की योजनाएं
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन अब दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। यह पहल न केवल समस्याओं के निराकरण का माध्यम बन रही है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा और बेहतर भविष्य की राह भी खोल रही है।








