ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, ग्राम बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों के विस्तार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 19 करोड़ 32 लाख 76 हजार रुपये की ऋण सहायता राशि का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को नई आजीविका गतिविधियां शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की शुभकामनाएं भी दीं।
महिलाओं ने जताया आभार
आर्थिक सहायता का चेक प्राप्त करने के बाद महिला समूहों की सदस्यों ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। महिलाओं ने कहा कि इस सहायता से वे अपने व्यवसाय और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्षम होंगी।
लखपति पखवाड़ा अभियान के तहत मिली सहायता
जिला प्रशासन और जिला पंचायत के मार्गदर्शन में जिला मिशन प्रबंधन इकाई द्वारा संचालित लखपति पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत प्राप्त मांगों के अनुरूप यह ऋण सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। अभियान का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
भारत सरकार की लखपति दीदी योजना के तहत संचालित इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य स्वरोजगार आधारित गतिविधियों के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
चार चरणों में चला अभियान
लखपति पखवाड़ा अभियान को ग्राम पंचायत स्तर पर चार चरणों में संचालित किया गया।
प्रथम चरण
महिला समूहों से आजीविका गतिविधियों के लिए मांग प्राप्त की गई।
द्वितीय चरण
संकुल स्तरीय संगठनों द्वारा ग्राम संगठनों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराई गई।
तृतीय चरण
ग्राम संगठनों ने संबंधित स्व-सहायता समूहों को राशि वितरित की।
चतुर्थ चरण
समूह सदस्यों को उनकी मांग और आवश्यकता के अनुसार राशि का आवंटन किया गया।
पहली बार आजीविका से जुड़ने वाली महिलाओं को प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के तहत उन महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है जो पहली बार किसी आजीविका गतिविधि से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने की इच्छा रखती हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।








