ब्यूरो चीफ बन्नूराम कोंडागांव। कोण्डागांव ,जिले में निजी बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों द्वारा कथित रूप से की जा रही दबावपूर्ण वसूली और आर्थिक शोषण के खिलाफ शिवसेना ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण और मजदूर वर्ग के लोगों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीणों को आसान लोन का झांसा देने का आरोप
शिवसेना जिला इकाई द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निजी बैंक और फाइनेंस कंपनियां ग्रामीणों को आसान ऋण का प्रलोभन देकर लोन उपलब्ध कराती हैं, लेकिन समय पर किस्त जमा नहीं होने पर एजेंटों द्वारा मानसिक दबाव और दुर्व्यवहार किया जाता है।
ज्ञापन में कहा गया कि कई मामलों में एजेंट घर पहुंचकर टीवी, फ्रिज, कूलर, बाइक और अन्य घरेलू सामान जब्त कर लेते हैं, जिससे गरीब परिवारों को मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रात तक घरों में बैठकर दबाव बनाने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार कुछ एजेंट देर रात तक लोगों के घरों में बैठकर किस्त जमा कराने का दबाव बनाते हैं। शिवसेना ने इसे अमानवीय और गैरकानूनी बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
सिबिल स्कोर सुधारने विशेष राहत योजना की मांग
संगठन ने मांग की है कि जिन लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सिविल (CIBIL) स्कोर खराब हो गया है, उनके लिए विशेष राहत योजना लागू की जाए। साथ ही मानसिक, सामाजिक और आर्थिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
फाइनेंस एजेंटों की जांच और निगरानी की मांग
ज्ञापन में प्रशासन से फाइनेंस कंपनियों और उनके एजेंटों की गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिवसेना ने कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को भेजी गई प्रतिलिपि
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है। इस दौरान शिवसेना पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








