ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने मंगलवार को कोण्डागांव जिले के ग्राम मसोरा पहुंचकर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से संचालित डेयरी विकास पायलट परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हितग्राही श्रीमती पार्वती नेताम के घर पहुंचकर पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन की गतिविधियों का जायजा लिया तथा डेयरी व्यवसाय से हो रहे आर्थिक लाभ की जानकारी प्राप्त की।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान सांसद ने पशुओं के पोषण, चारा प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी ली। हितग्राही ने बताया कि पशुओं को प्रतिदिन संतुलित आहार और साइलेज दिया जाता है, जिससे प्रत्येक गाय से औसतन 12 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है। इससे परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण देने के निर्देश
सांसद भोजराज नाग ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित आहार प्रबंधन और आधुनिक डेयरी तकनीकों का नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बड़े स्तर पर साइलेज निर्माण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि वर्षभर गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध हो सके और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा अधिक लाभ
सांसद ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण परिवारों, विशेषकर जनजातीय महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
डेयरी केंद्र की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान सांसद ने डेयरी केंद्र में दूध की गुणवत्ता जांचने वाली मशीन, पशु आहार, साइलेज तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। समिति के सदस्यों ने बताया कि विभाग द्वारा पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और वैज्ञानिक पशुपालन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
कोण्डागांव जिले में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से संचालित डेयरी विकास पायलट परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और रोजगार के अवसर सृजित करना है। इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से जनजातीय महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने किया था परियोजना का शुभारंभ
उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ 1 जून 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोण्डागांव जिले के भोंगापाल गांव से किया था। राज्य शासन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, महिलाओं की आय बढ़ाने और पशुपालन आधारित स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। डेयरी परियोजना इसी प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभर रही है।








