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मानसून सत्र में लता उसेंडी ने B.Ed.-D.Ed. कॉलेज की मांग उठाई

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव,  छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन कोंडागांव विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सुश्री लता उसेंडी ने शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाते हुए सरकार का ध्यान बस्तर अंचल की आवश्यकताओं की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कोंडागांव जिले में शासकीय B.Ed. एवं D.Ed. कॉलेज की स्थापना तथा प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।

स्थानीय युवाओं को शिक्षक प्रशिक्षण के लिए बाहर जाना पड़ता है

सदन में चर्चा के दौरान विधायक लता उसेंडी ने कहा कि कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग के हजारों युवाओं को शिक्षक बनने के लिए आज भी बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। जिले में शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान नहीं होने से विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और उन्हें आवास सहित कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव में शासकीय B.Ed. एवं D.Ed. कॉलेज की स्थापना से स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा तथा क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में NEP-2020 लागू करने पर जोर

विधायक उसेंडी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक प्रशिक्षण आधुनिक एवं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।

नई शिक्षा नीति से बढ़ेगी शिक्षा की गुणवत्ता

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और युवाओं को रोजगारोन्मुख अवसर उपलब्ध कराना है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। यदि शिक्षक शिक्षा संस्थानों का विस्तार किया जाए और विश्वविद्यालय स्तर पर नई शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू किया जाए, तो इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा।

बस्तर के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा

मानसून सत्र के पहले दिन विधायक लता उसेंडी द्वारा सदन में उठाए गए इन मुद्दों को बस्तर क्षेत्र की शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में शीघ्र ठोस पहल करने का आग्रह किया।

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