ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, माकड़ी विकासखंड के ग्राम बिंजोली निवासी एक ग्रामीण के साथ कथित मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है। घायल का जिला अस्पताल कोण्डागांव में उपचार चल रहा है। इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने आरोप लगाया है कि मामले में अनतपुर पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
बैठक के बहाने बुलाकर मारपीट का आरोप
सीपीआई जिला सचिव शैलेष ने बताया कि पीड़ित गोबरु पोयाम को 16 जुलाई की सुबह ग्राम घोड़सोड़ा के कुछ ग्रामीण बैठक के बहाने उसके घर से बुलाकर ले गए। आरोप है कि बैठक स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ हाथ-मुक्कों और लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।
ग्रामीणों ने पहुंचाया घर, फिर थाने
बताया गया कि बेहोशी की हालत में गोबरु पोयाम को कुछ लोग अपने गांव ले जा रहे थे। इसी दौरान बिंजोली के ग्रामीणों ने उसे छुड़ाकर घर पहुंचाया और बाद में परिजनों के साथ अनतपुर थाना ले जाया गया। वहां घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और लिखित शिकायत भी सौंपी गई।
पुलिस की कार्यवाही पर सीपीआई ने जताई आपत्ति
सीपीआई का आरोप है कि पुलिस ने घायल का प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय वापस घर भेज दिया। अगले दिन दर्द बढ़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल कोण्डागांव लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।
एसपी से उच्च स्तरीय जांच की मांग
सीपीआई ने पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने यह भी सवाल उठाया है कि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय विवादित भूमि के दस्तावेज लाने का नोटिस क्यों दिया गया।
पुलिस के जवाब का इंतजार
मामले में सीपीआई ने अनतपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।








