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15 साल पुरानी दुकानों पर बेदखली नोटिस, ग्रामीणों ने जांच की मांग

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव। जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम जुगानीकलार में करीब 15 वर्ष पहले निर्मित दुकानों को अतिक्रमण मानते हुए बेदखली की कार्रवाई शुरू होने से विवाद गहरा गया है। एसडीएम कार्यालय से नोटिस जारी होने के बाद प्रभावित दुकानदारों ने कलेक्टर और बस्तर संभागायुक्त को आवेदन सौंपकर कार्रवाई पर रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का दावा- पंचायत की अनुमति से हुआ था निर्माण

प्रभावित ग्रामीण मिहिर घोष, कुमुद बाला और सुकुमार मिस्त्री का कहना है कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत जुगानीकलार की सामान्य सभा में जरूरतमंद परिवारों के लिए दुकानों हेतु भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दुकानों का निर्माण कराया।

ग्रामीणों के अनुसार, आवेदन की प्रति आज भी उनके पास सुरक्षित है, जिस पर तत्कालीन सरपंच, ग्राम कोटवार तथा पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर और सील-मोहर दर्ज हैं।

11 वर्षों से दुकानों से चल रहा परिवार का गुजारा

दुकानदारों का कहना है कि पिछले करीब 11 वर्षों से वे इन्हीं दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। अब राजस्व प्रकरण में इन दुकानों को अतिक्रमण मानते हुए बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

जांच पूरी होने तक कार्रवाई रोकने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान ग्राम पंचायत और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामसभा के प्रस्ताव, पंचायत के दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच होने तक बेदखली की कार्रवाई स्थगित रखी जाए।

एसडीएम का पक्ष

फरसगांव एसडीएम अशवन पुसाम ने कहा कि ग्राम पंचायत को शासकीय भूमि आवंटित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध अभिलेखों व राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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