ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । कोण्डागांव,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) बस्तर संभाग ने देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस और भाजपा पर जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। संभागीय संयोजक तिलक पांडे ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि दोनों दल जनता की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप और “पुतला राजनीति” में उलझे हुए हैं।
महंगाई और बेरोजगारी पर जताई चिंता
सीपीआई ने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट के दौर से गुजर रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई, रुपए का अवमूल्यन और बेरोजगारी ने आम जनता की परेशानियां बढ़ा दी हैं। युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है और ईंधन संकट के कारण जीवन यापन की लागत लगातार बढ़ रही है।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सवाल
प्रेस विज्ञप्ति में शिक्षा व्यवस्था की गिरती गुणवत्ता और लगातार हो रही पेपर लीक घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। पार्टी ने कहा कि इससे शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
खनिज संसाधनों की लूट का आरोप
सीपीआई ने आरोप लगाया कि देश के खनिज संसाधनों की तस्करी और लूट से स्थानीय लोगों के अधिकारों और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। पार्टी ने आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
धार्मिक और सामाजिक तनाव पर चिंता
पार्टी ने कहा कि देश में बढ़ते धार्मिक और सामाजिक तनाव से भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। ऐसे माहौल में राजनीतिक दलों को समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए, लेकिन वे राजनीतिक विवादों में उलझे हुए हैं।
सरकार से की कई मांगें
सीपीआई ने केंद्र और राज्य सरकारों से महंगाई नियंत्रण, ईंधन संकट से राहत, रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। साथ ही पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की बात कही।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
पार्टी ने सरकारी नीतियों, सार्वजनिक परियोजनाओं और संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जनहित समितियों के गठन की मांग की। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्याय की आवश्यकता भी बताई गई।
जनता से जागरूक रहने की अपील
सीपीआई ने जनता से अपील की कि वे अपने मुद्दों को केंद्र में रखकर जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। पार्टी ने सभी प्रगतिशील संगठनों और मेहनतकश जनता से एकजुट होकर सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने का आह्वान किया।








