ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की जिला परिषद कोण्डागांव द्वारा सोमवार को विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी, पंचायतों को विकास राशि उपलब्ध कराने तथा बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई गई।
किसानों और आम जनता की समस्याओं का उठाया मुद्दा
सीपीआई नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि जिले के किसान, मजदूर, बेरोजगार और पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और ईंधन की कमी से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ने की आशंका है।
पार्टी ने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलने से वे आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। वहीं पंचायतों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
महंगाई पर जताई चिंता
ज्ञापन में कहा गया कि डीजल-पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि के साथ खाद्य सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने जीवनयापन की समस्या खड़ी हो गई है।
सीपीआई ने रखीं छह प्रमुख मांगें
पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से छह प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है—
1. ईंधन कीमतों पर नियंत्रण
डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों को नियंत्रित करने तथा कमी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
2. स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार
बस्तर संभाग की खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
3. पंचायतों को विकास निधि
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की गई।
4. बढ़ती महंगाई पर रोक
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
5. किसानों को पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग
कृषि कार्यों के लिए किसानों को जरकिन में आवश्यकतानुसार डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने के निर्देश पेट्रोल पंप संचालकों को देने की मांग की गई।
6. समस्याओं के समाधान की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो जनता के हित में आगे आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
सीपीआई नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीपीआई बस्तर संभाग संयोजक एवं राज्य सचिव मंडल सदस्य तिलक पाण्डे, जिला सचिव शैलेष, सह सचिव दिनेश, जयप्रकाश, बिसम्बर, दुबेश, रामचंद, मानसिंग, सोमनाथ सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








