राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलौद गांव में शुक्रवार सुबह एक सरकारी हाई प्राइमरी स्कूल की जर्जर छत ढह गई। हादसे के वक्त बच्चे प्रार्थना सभा में शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे लगातार छत के गिरने की आशंका जताते रहे, लेकिन शिक्षकों ने उन्हें डांटकर बैठा दिया। कुछ ही मिनटों में छत भरभरा कर गिर पड़ी।

घटना में 7 बच्चों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया।
सूत्रों के अनुसार, इस बिल्डिंग की हालत को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लापरवाही के आरोप में 5 शिक्षकों और एक शिक्षा अधिकारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।
यह हादसा न सिर्फ सिस्टम की विफलता दिखाता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि मासूमों की जान कब तक लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी?








