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समय से पहले जन्मे बच्चो के लिए वरदान साबित हो रहा जिला अस्पताल का एसएनसीयू

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दुर्ग! KMC कंगारू मदर केयर की होती है महत्वपूर्ण भूमिका SNCU जिला अस्पताल दुर्ग में अभी 10 से भी अधिक समय पूर्व जन्मे (28 हफ्ते से 32 हफ्ते तक) कम वजन वाले बच्चों का ईलाज चल रहा है (जिसमे संबसे कम वजन वाले 800 ग्राम के 2 बच्चे एवम सबसे अधिक 1.2 kg का बच्चा है। सभी का वजन 800 ग्राम से 1.2 kg के बीच है। इन सबका प्राथमिक ईलाज के बाद अब ये व Tube feed / Spoon. feed एवम KMC में है एवं सभी बच्चे आरसीजन एवं मशीन से बाहर आ गये और दवाईयों भी बन्द है। सभी वरये अच्छे अवस्था में आ चुके हैं।

KMC एक ऐसी पदधति है जो अविकसित कम वजन वाले और समय से पूर्व जन्मे नवजात शिशुओं (2kg से कम) जीवित रहने की संभावना बढ़ाती है। कमजोर नवजात शिशुओं में तत्काल कंगारू मदर केयर (KMC) जिसमे स्तनपान के साथ त्वचा से त्वचा का संपर्क होता है।

KMC के लाभबच्चे की हृदय गति स्थिर रहती है। बच्चे की श्यौरा लेने की स्थिति में सुधार होता है और श्वीस को नियमित बनाता है। स्वस्थ नीद को बढ़ावा देता है। बच्चे ओर मों के वीच की Bonding को भी बढ़ाता है। जिससे माँ आसानी से Breast feed करा पाती है।

बच्चों में संक्रमण दर को कम करता है। बच्चों को हाइपोथर्मिया से बचाता है, जिससे की नवजात शिशुओं में मृत्यु दर में कमी आती है।

KMC कौन करा सकता है भी पिता या कोई भी अन्य रिश्तेदार अगर मी KMC कराने में असक्षम हो या बीमार हो।

कितने देर तक कराना चाहिए कम से कम दो घंटे और अधिक से अधिक जितने देर तक मी करा सके।

इससे पूर्व भी SNCU जिला अस्पताल दुर्ग में कई कम कजनी समय से पूर्व जन्मे ( एक किलो से कम सातवे महीने में जन्मे बच्चो का सफलतापूर्वक ईलाज करके जिल्वार्ज किया जा चुका है। जिसने सबसे कम 500 ग्राम वजन बच्चे को डिस्चार्ज किया गया था। एवन सनी बच्चे Follow-up में अच्छी अवस्था में है। इस दौरान SNCU में दीं आर के मल्होत्रा एवं डॉ.चाई किरण कुमार द्वारा KMC के विषय में सभी माताओं को समझाया गया।

जिला अस्पताल दुर्ग के शिशु रोग विशेषज्ञ

HOD / Unit – प्रभारी / SNCU नोडल अधिकारी

Unit-II प्रभारी

SNCU में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ / SNCU प्रभारी

SNCU मेडिकल आफिसर
डॉ. आर. के. गल्होत्रा
डॉ सीगा जैन
डॉ. बाई किरण कुमार
डॉ आशीष साहू, डॉ. इंदु श्रीवास

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