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दुर्ग को नंबर वन बनाने ब्रांड एंबेसेडर डॉ पाणिग्राही द्वारा
गीला कचरा अलग , सुखा कचरा अलग देने जागरूकता अभियान ।

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गीला कचरा अलग ,सुखा कचरा अलग देना अपनी आदत बनाए – डॉ पाणिग्राही


दुर्ग ! स्वच्छ सर्वेक्षण  2024 में दुर्ग को नंबर वन बनाने कचरा सेग्रिगेशन के लिए ब्रांड एंबेसेडर डॉ पाणिग्राही  ने आज जागरूकता अभियान चलाया । सबेरे   निकलकर स्वच्छता दीदी पुन्नी नेवरे वार्ड 45, आलोक हेला सुपरवाइजर  , अनिल रत्नाकर सुपरवाइजर वार्ड 43, तारा टंडन सुपरवाइजर वार्ड 45  के साथ  भ्रमण कर हाथों में हरा डिब्बा ,नीला डिब्बा लिए  जगह जगह नुक्कड़ में  चौक में प्रदर्शन करते हुए बताया कि गिला कचरा सुखा कचरा अलग अलग डिब्बों में देकर  स्वच्छ सर्वेक्षण में दुर्ग को नंबर वन बनाने सहयोग करें। 

कुछ घरों में भी जाकर गिला कचरा हरा डिब्बा में तथा सुखा कचरा  नीला डिब्बा में देने समझाया ।  इस कड़ी मे डॉ पाणिग्रही ने विस्तार पूर्वक समझाया कि  फलों के सब्जियों के छिलके ,सड़े फल , बचा हुआ भोजन , अंडे  के छिलके ,बचा हुआ मांस ,हड्डियां , मछली के कांटे ,पेड़ पौधों के पत्ते , पत्ते से निर्मित दोना  पत्तल, बगीचे का कचरा ,पूजा के फूल ,माला ,घास आदि सामान्यतः   गीला कचरा में आते हैं जिनसे खाद बनाई जाती हैं । इसे  हरा डिब्बा में दें ,  इसी तरह प्लास्टिक के सामान ,झिल्ली ,पन्नी , बोतलें ,कागज। कप ,दूध दही के पैकेट , गत्ते  ,टेट्रा पैकेट ,धातु के टुकड़े ,कांच   ,  इलेक्ट्रोनिक कचरा ,फर्नीचर ,बल्ब ,सी एफ एल  आदि सामान्यतः सुखा कचरा में आते हैं ।इनका रिसाइक्लिंग किया जाता है । इन्हे नीले डिब्बे में डालें । इस तरह गीला कचरा ,सुखा कचरा अलग अलग कर आपके घर पहुंची स्वच्छता दीदी को दें।  इसे अपनी आदत में शामिल करें ।इससे कचरे के निपटान में आसानी होती है साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे नंबर बढ़ते हैं । डॉ पाणिग्राही ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग न करने तथा घर से थैला लेकर बाजार जाने की भी  अपील की ।

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