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छुईखदान नगर पंचायत में बकाया राशि के नाम पर किया जा रहा अवैध वसूली: नोटिस जारी करने के बाद बढ़ी लोगों में बेचैनी

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खैरागढ़ दीनदयाल यादव की रिपोर्ट






अचानक बकाया राशि वसूलने की मुहिम से हैरान लोग



छुईखदान  ।  नगर पंचायत द्वारा लोक अदालत के नाम पर अचानक बकाया राशि वसूलने के लिए लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इस कदम से नगर के लोगों में भय का माहौल बन गया है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि नगर पंचायत को अचानक क्या हो गया है, जो वर्षों से बकाया राशि को लेकर नोटिस भेजने का निर्णय लिया गया है। घर-घर नोटिस भेजने के कारण लोगों में आक्रोश है। कचरा संग्रहण के नाम पर दुकान और घर से पैसा वसूलने का सिलसिला शुरू किया गया है।
नोटिस में पिछला बकाया बताते हुए लोगों को डराया जा रहा है, जबकि संपत्ति कर, समेकित कर, और नल कर पहले ही चुका दिए गए हैं।



कचरा संग्रहण का दबाव और शहर में असमानता




कुछ दुकानदारों के यहां से कचरा बिल्कुल नहीं निकलता, और कई घरों में लोग कचरे की खाद के रूप में इसका उपयोग करते हैं। इसके बावजूद, नगर पंचायत द्वारा वसूली का दबाव डाला जा रहा है। बहुत से लोगों को डस्टबिन भी वितरित नहीं किए गए हैं, और कचरा संग्रहण के नाम पर टैक्स की वसूली की जा रही है।
खैरागढ़ और गडई में कचरा संग्रहण के नाम पर कोई टैक्स नहीं वसूला जा रहा है।
नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों को निजी अवलोकन करना चाहिए था और लोगों से संवाद स्थापित करना चाहिए था, बजाय इसके, उन्हें डरा-धमकाकर पैसे वसूलने की नीति अपनाई जा रही है।
नगर पंचायत में राजनीतिक साजिश की आशंका है नगर पंचायत में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष द्वारा यह कदम उठाया गया है, जिनका मानना है कि आने वाले चुनावों में सत्ता में वापसी करना आसान नहीं है। इसलिए, अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रकार का खेल खेला जा रहा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार है, जो लोगों के उत्थान के लिए कई योजनाओं के तहत लाभ दे रही है।
लेकिन नगर पंचायत द्वारा इस प्रकार का विरोधाभासी रवैया अपनाया जा रहा है, जो लोगों के लिए दमनकारी है।




नगर पंचायत की ओर से भारी वसूली का विरोध



नगर पंचायत के आधे से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, और अचानक भारी-भरकम राशि की वसूली उनके लिए संभव नहीं है। इसके चलते लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। यदि यह सिलसिला जारी रहता है, तो नागरिक संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
मुन्नादी के माध्यम से घर-घर नोटिस दी जा रही है।इस प्रकार, नगर पंचायत द्वारा वसूली की यह नई मुहिम स्थानीय लोगों के लिए भारी तनाव का कारण बन गई है और यदि इसे समय पर संबोधित नहीं किया गया, तो इसके राजनीतिक और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।





“लोगों को अदालती नोटिस थमाए जा रहे हैं, जिससे गुस्से की लहर फैल रही है।लोगों ने पिछले 2-3 साल से टैक्स नहीं दिए हैं, इसलिए एकमुश्त बिल भेजा गया है”


कमल नारायण जघेल
सीएमओ नगर पंचायत छुईखदान

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