दीनदयाल यदु/जिला ब्यूरो चीफ
छुईखदान में बगैर लाइसेंस वाहन चलाने की समस्या गंभीर
छुईखदान। छुईखदान शहर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में नौनिहालों द्वारा बिना लाइसेंस के दुपहिया वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
इन वाहनों की तेज गति से बढ़ते हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और पुलिस द्वारा इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
प्रशासन की लापरवाही और दुर्घटनाएंग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा वाहनों की चेकिंग के नाम पर कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्कूल के बच्चे से लेकर युवा, सभी बिना किसी डर के तेज गति से वाहनों का संचालन कर रहे हैं। कई दुर्घटनाओं के मामले पुलिस स्टेशन पहुंचने से पहले ही निपट जाते हैं, और कुछ मामलों में थाने में पहुंचने के बाद हल हो जाते हैं।मोटर वाहन कानून 2019 का कड़ा प्रावधान1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए मोटर वाहन कानून के तहत, बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर जुर्माना बढ़ाकर 10,000 रुपये तक कर दिया गया है।
इसके अलावा, यदि दुर्घटना में मौत होती है तो वाहन मालिक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हो सकती है। नए नियमों में यह भी तय किया गया है कि बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर बीमा का कोई दावा नहीं किया जा सकता है, और सभी खर्चे वाहन मालिक को ही उठाने होंगे।कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन जरूरीलाइसेंस और उम्र सीमानए मोटर वाहन कानून के तहत, वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है और इसके लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
साथ ही, बिना लाइसेंस या नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है।सख्त नियमों की जरूरतहालांकि सरकार ने सड़क सुरक्षा के लिए कई कड़े नियम बनाए हैं, लेकिन इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए ज़मीनी स्तर पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता है।निष्कर्षछुईखदान में बिना लाइसेंस वाहन चलाने की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। प्रशासन और पुलिस को इस पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।








