महेश प्रजापति रायपुर। राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 102 महतारी एक्सप्रेस के चालक पर डिलीवरी महिला को घर छोड़ने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर प्रसूता को घंटों अस्पताल परिसर में इंतजार कराया गया।
“200 से 400 दो, तभी जाएगी गाड़ी”
परिजनों के मुताबिक, 18 मई 2026 को डिलीवरी के बाद महिला मरीज सत्यभामा को डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद 102 महतारी एक्सप्रेस वाहन क्रमांक CG07CN9684 के चालक युवराज देवांगन से घर छोड़ने के लिए संपर्क किया गया।
आरोप है कि चालक ने “खर्चा पानी” के नाम पर 200 से 400 रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर कहा कि “जो ज्यादा पैसा देता है, पहले उसे छोड़ने जाते हैं।”
4 घंटे तक अस्पताल में इंतजार
परिजनों का कहना है कि 102 कॉल सेंटर से वाहन 30 मिनट में आने की जानकारी दी गई थी, लेकिन काफी देर तक गाड़ी नहीं पहुंची। बाद में अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ी के पास पहुंचने पर चालक ने पहले तकनीकी खराबी का हवाला दिया और फिर पैसे देने की बात कही।
परिजनों के अनुसार, पैसे नहीं देने पर डिलीवरी महिला को करीब 4 घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा।
वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि चालक के साथ हुई बातचीत का करीब 5 मिनट का वीडियो उनके पास सुरक्षित है, जिसमें पैसे मांगने और अन्य बातें रिकॉर्ड हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले में शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उस दिन ड्यूटी पर मौजूद सभी 102 चालकों के रिकॉर्ड की जांच करने की भी अपील की गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और 102 महतारी एक्सप्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, मामले में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।








