दुर्ग।अमलेश्वर थाना क्षेत्रअमलेश्वर में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। एक मासूम बच्चे के अपहरण के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि अपना ही रिश्तेदार निकला मास्टरमाइंड। हनीट्रैप के जाल में फंसाकर रची गई इस साजिश का दुर्ग पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया।
बाइक बनवाने का बहाना, फिर हुआ अपहरण
घटना की शुरुआत एक साधारण बहाने से हुई। आरोपी ने बच्चे को मोटरसाइकिल बनवाने के नाम पर तिरंगा चौक अमलेश्वर बुलाया। जैसे ही बच्चा वहां पहुंचा, पहले से घात लगाए आरोपियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और फरार हो गए।
धमकी भरे कॉल से मचा हड़कंप
अपहरण के बाद परिजनों को फोन कर धमकाया गया और फिरौती की साजिश शुरू हो गई। घरवालों में दहशत फैल गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस का एक्शन मोड, तकनीक से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत साइबर सेल और एसीसीयू टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मुखबिर की मदद से आरोपियों की लोकेशन धमतरी में ट्रेस हुई।
संयुक्त ऑपरेशन में धराए आरोपी
दुर्ग और धमतरी पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया।अपना ही निकला मास्टरमाइंड
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का परिचित और भांजा ही निकला। उसने महिला साथी के जरिए हनीट्रैप का जाल बिछाया और अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची।
फिरौती के लिए रचा गया था पूरा खेल
आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने आर्थिक लाभ और फिरौती के लालच में इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने उनके पास से कार और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पांच आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया और अंजान लोगों के संपर्क में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।








