भारत। IndiGo (इंडिगो) ने 6 दिसंबर 2025 को बयान जारी करते हुए कहा है कि “लगभग 68 % फ्लाइट्स” सामान्य रूप से संचालित हुई हैं, और करीब 95 % नेटवर्क-रूट्स (destinations) पर कनेक्टिविटी पुन: बहाल कर दी गई है।
हालाँकि ये आंकड़े सुधार की ओर संकेत करते हैं, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। देशभर में कई उड़ानें रद्द या देरी का सामना कर रही हैं, और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानें कि क्या हुआ, क्यों हुआ और आगे क्या हो सकता है — विस्तार से।
क्या हुआ — फ्लाइट्स रद्द और नेटवर्क बंदी
3 दिसंबर 2025 के बाद से, इंडिगो ने लगातार उड़ानें रद्द करनी शुरू की। यह संकट मुख्य रूप से नई पायलट आराम एवं ड्यूटी नियमों (crew-rest / duty-time norms) के कारण हुआ।
– 5 दिसंबर को इंडिगो ने केवल 700 से थोड़ी अधिक उड़ानों को संचालित किया, जो 113 गंतव्यों (destinations) से थीं।
– इसी बीच, 11 प्रमुख हवाई अड्डों पर अकेले एक ही दिन में 570–800 से अधिक उड़ानें रद्द हुई।
– रद्द की गई उड़ानों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ आदि प्रमुख शहर शामिल थे।
इस कारण, हजारों यात्री देश भर के एयरपोर्ट्स पर फंस गए — कई को रात गुजारनी पड़ी, कई की यात्राएँ रद्द हो गईं, तो कुछ की शादी-कार्य, मीटिंग या अन्य प्लान प्रभावित हो गए।
क्यों हुआ — पायलट नियम और नियोजन में चूक
मुख्य वजह: DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) द्वारा लागू नए पायलट ड्यूटी व रेस्ट (FDTL) नियम। इनके तहत पायलटों को एक हफ्ते में अधिक आराम समय देना, रात की उड़ानों को सीमित करना और लगातार रातों में उड़ान न देने का प्रावधान हुआ।
लेकिन इंडिगो का पुराना मॉडल — कम क्रू, अधिक फ्लाइट्स, ज़्यादा उपयोग — इस बदलाव के अनुरूप नहीं था। उसने अतिरिक्त पायलट पहले से नहीं भरे, जिससे क्रू शॉर्टेज हुआ।
इसके अलावा, सर्दियों का मौसम, अधिक मांग (छुट्टियाँ, शादी-समारोह), और तकनीकी या ग्राउंड-हैंडलिंग में फिसलियाँ (ground handling constraints) भी समस्या को और बढ़ा रही थीं।
नतीजतन, नियमों के साथ तालमेल नहीं बैठ पाया — और फ्लाइट शेड्यूल एकदम गड़बड़ा गया।
इंडिगो का रेस्पॉन्स — “रिबूट, रिज्यूम, रिकवरी”
6 दिसंबर को इंडिगो ने यह कहा कि उन्होंने अपने नेटवर्क “रिबूट” किया है — रोटर (crew roster), शेड्यूल, फ्लाइट प्लानिंग आदि फिर से व्यवस्थित किए।
उसी दिन, उन्होंने कहा कि वे “दोपहर तक या दिन के अंत तक” 1,500 से अधिक फ्लाइट्स चलाएंगे।
अब एयरलाइन का दावा है कि वे 135 में से 138 गंतव्यों पर ऑपरेशन चला रहे हैं — अर्थात लगभग 95 % नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है।
इंडिगो ने यात्रियों से क्षमा मांगी है और कहा है कि वे जल्द से जल्द भरोसा बहाल करना चाहती है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित यात्रियों को रिफंड या वैकल्पिक विकल्प प्रदान करने की पहल की है।
यात्रियों की परेशानी — माहौल थमने का नाम नहीं ले रहा
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया, फोरम व प्लेटफार्म्स पर अपनी शिकायतें साझा की हैं। उदाहरण के लिए:
“इंडिगो ने मेरी फ्लाइट बिना कोई सूचना दिए कैंसिल कर दी, मैं 12 घंटे तक फंसा रहा; बैग खो गया और कोई सूचना नहीं मिली।”
“मुंबई-बेंगलुरु … फ्लाइट कैंसिल, स्टाफ मदद नहीं कर रहा — गेट पर जाने से रोक दिया गया। रात हो गई, लोग परेशान।”
कुछ यात्रियों ने दावा किया कि रिफंड प्रक्रिया धीमी थी, या उन्हें रिज़र्वेशन के दौरान वैकल्पिक उड़ान नहीं दी गई।
इसके अलावा, कठिन से कठिन सफर का अनुभव — बात हो रही है शादी, मीटिंग्स, यात्रा, काम — सब कुछ प्रभावित हुआ।
सरकार-नियामक हस्तक्षेप — Ministry of Civil Aviation और DGCA की भूमिका
इस बड़े संकट में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA दोनों सक्रिय हुए। अधिकारियों ने इंडिगो को निर्देश दिए कि सभी रद्द/डिस रप्टेड यात्राओं का रिफंड तुरंत दें।
साथ ही, यात्रियों को रीसcheduling के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क (rescheduling fee) नहीं लिया जाएगा।
DGCA ने अस्थायी रूप से कुछ FDTL नियमों पर ढील दी, जिससे रात की उड़ानों और पायलट रोटर शेड्यूलिंग में थोड़ी राहत मिली — ताकि इंडिगो अपनी उड़ानों को फिर से शुरू कर सके।
सरकार की ये पहल यात्रियों के हित में है, जिससे उन्हें अनावश्यक किराया वृद्धि या अन्य दिक्कतों से बचाया जा सके।
आगे का परिदृश्य — क्या स्थिति पूरी तरह सामान्य होगी?
इंडिगो ने कहा है कि वे अगले 4–5 दिन में पूरी तरह से सामान्य ऑपरेशन बहाल करना चाहते हैं — लेकिन उतनी जल्दी “पहले जैसा” स्थिर शेड्यूल लौटना मुश्किल है।
यात्रियों को अभी भी सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फ्लाइट स्थिति (flight status) वेबसाइट या एयरलाइन ऐप पर चेक करें। रिफंड या रीसcheduling विकल्प पहले से ही उपलब्ध किया गया है।
सरकार और विमानन विभाग भविष्य में ऐसी खतरनाक बीमीयाओं से बचने की रणनीति बनाएंगे — पायलट प्लानिंग, क्रू बफर, मौसम व यात्रा मांग को ध्यान में रखकर।
इंडिगो का दावा — 68 % ऑपरेशन और 95 % नेटवर्क कनेक्टिविटी — दिखाता है कि एयरलाइन स्थिति को सुधारने की दिशा में कुछ कदम उठा चुकी है। लेकिन यात्रियों की शिकायतें, रद्द-फ्लाइट्स, रिफंड/रिस्टाफिंग में देरी, और रास्ता बदलने की मजबूरी — ये सब बताते हैं कि संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है।
इसलिए, अगर आपकी यात्रा इन दिनों तय है — तो प्लान बदलने से पहले एयरलाइन से स्थिति क्लियर करें। रिफंड या रीसcheduling विकल्प देखें, और अपनी फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि करें।
आगे देखते हैं कि अगले कुछ दिनों में विमान सेवाएँ कितनी स्थिर हो पाती हैं — आपकी यात्रा सुगम रहे, यही उम्मीद है।








