अंकित टाटिया की रिपोर्ट
दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने शनिवार को कैम्प-1 स्थित शहीद भवन से रैली निकालकर जैन भवन चौक होते हुए एसडीएम ऑफिस तक जोरदार प्रदर्शन किया। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक की नि:शर्त रिहाई, सीजेआई गवई पर हुए अमानवीय जूता हमले की निंदा, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों तथा राज्य के स्थानीय जनमुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
रैली जब एसडीएम ऑफिस पहुंची, तो वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे आक्रोशित प्रदर्शनकारी ऑफिस गेट पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। बाद में एसडीएम साहब अपने दौरे से लौटकर आए और उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया।
पूर्व विधायक व छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा कि सोनम वांगचुक एक प्रतिष्ठित समाजसेवी, शिक्षा सलाहकार और वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने देश के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। ऐसे व्यक्ति को देशद्रोही बताकर जेल में डालना सरकार की साजिश है। सरकार पहाड़ों को निजी हाथों में सौंपकर लूट का रास्ता बना रही है।
उन्होंने कहा कि सीजेआई गवई के खिलाफ जूते से हमला करना मनुवादी विचारधारा से प्रेरित है। यह संविधान और शिक्षा व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर त्वरित कठोर कार्रवाई की मांग की।
जनक लाल ठाकुर ने आगे कहा कि बीते 10-11 सालों में दलितों, आदिवासियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले तेजी से बढ़े हैं, और ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है। सरकार को इन पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
मोर्चा ने राज्य सरकार पर स्मार्ट बिजली मीटर के नाम पर जनता से दुगुना-तिगुना बिल वसूलने का आरोप लगाया और इसे “जनविरोधी नीति” बताया। साथ ही अति वृष्टि, ओला वृष्टि और बेमौसम वर्षा से प्रभावित किसानों को उचित फसल बीमा राशि देने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने बालोद जिले के जामड़ी पाट वनभूमि को मंदिर के नाम पर पट्टा देने की साजिश का विरोध करते हुए इसे समुदायिक उपयोग हेतु ग्राम तुएगोंदी को देने की मांग की। उन्होंने शराबखोरी को बढ़ावा देने और बेरोजगारी में बढ़ोतरी के लिए भी विष्णु देव साय सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
धरना स्थल पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छग माईंस श्रमिक संघ, जन मुक्ति मोर्चा, सीटू यूनियन, गोंडवाना समाज, बौद्ध समाज, हल्बा समाज और अन्य संगठनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
इस मौके पर जनक लाल ठाकुर, रामचरण नेताम, राजाराम बरगद, बिहारी ठाकुर, ललन साहू, देवेन्द्र उइके, संतोष घराना, कुंभकरण पिस्दा, संत राम ठाकुर, विनोद मिश्रा, रामदीन गुप्ता, प्रमोद कावले, मुकेश मांझी, छबीला कोरम, संगीता, ममता मंडावी, सुमन उइके, हेमंत कांडे, श्रीराम, राजू साहू, टोमन, भूपेंद्र, हितेश समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर इन जनमुद्दों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में व्यापक और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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