

पतोरा ! पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पतोरा में बिजली पोल और तार लगाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन यहां लगे खंभों की हालत देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगाए जा रहे खंभे बिल्कुल दरारों से भरे और क्षतिग्रस्त हैं। इन पर जरा-सा दबाव पड़ते ही गिरने का खतरा मंडरा रहा है। कई खंभों की सतह पर बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साबित होता है कि ठेकेदार ने पुराने और खराब खंभों को ही खड़ा कर दिया है।

और भी चौंकाने वाली बात यह है कि काम कर रहे कर्मचारियों को हेलमेट, सेफ्टी और जूते तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। बिना सुरक्षा के इस तरह के जोखिम भरे काम ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
यह क्षेत्र दुर्ग–पाटन से जुड़ी फोरलेन मुख्य सड़क के किनारे है, जहां रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि यह दरारों वाले खंभे बारिश या तेज हवा में गिरते हैं तो बड़े पैमाने पर दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि लगातार खबरें सामने आने के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी अब तक जांच करने नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने मांग की है कि विभाग तुरंत संज्ञान लेकर ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करे और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए कड़े नियम बनाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे क्षतिग्रस्त खंभे लगाना सीधी-सीधी लापरवाही है। साथ ही, कर्मचारियों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही काम पर लगाया जाए, ताकि जानमाल का नुकसान टाला जा सके।
कृषि उपज मंडी के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी साहू ने ठेकेदार की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि काम पूरी तरह से शासन की गाइडलाइन के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि “अगर अचानक कोई घटना घटित हो जाती है, तो इन मजदूरों की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
अश्वनी साहू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जानमाल की क्षति से बचा जा सके।








