खैरागढ़ जिले के बकरकट्टा जंगल में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। लकड़ी बीनने गई 40 वर्षीय सुरजौतीन बाई पर अचानक भालू और उसके दो शावकों ने हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद इलाके में खौफ और आक्रोश दोनों का माहौल है।
कैसे हुआ हमला?
संझारी गांव की सुरजौतीन बाई रोजाना की तरह जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। तभी झाड़ियों से भालू अपने शावकों के साथ निकल आया और उन पर टूट पड़ा। हमले में महिला के सिर, हाथ और पैरों पर गहरे जख्म आए। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जान जोखिम में डालकर भालू को खदेड़ा।
इलाज और स्थिति
घायल महिला को पहले बकरकट्टा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत छुईखदान अस्पताल रेफर कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इस इलाके में भालू और अन्य जंगली जानवर अक्सर गांवों में घुस आते हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग की गश्त और सुरक्षा इंतजाम सिर्फ कागजों में सीमित हैं।
विशेषज्ञों की राय
जंगलों के लगातार कटने और प्राकृतिक भोजन की कमी के कारण भालू इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं।
खेतों के आसपास पड़ा कचरा और खुले में रखा अनाज उन्हें और आकर्षित करता है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीण अब प्रशासन और वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि बकरकट्टा समेत आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और इंसान व जंगली जानवरों के बीच टकराव रोकने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
खैरागढ़: जंगल में महिला पर भालू और शावकों का हमला, ग्रामीणों में दहशत








