दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मचांदूर गांव में भगवा झंडा फहराने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सेना के जवान कौशल निषाद के घर पर भगवा ध्वज लगाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसके बाद शुक्रवार को भाजयुमो के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार के घर पर कई भगवा ध्वज फहरा दिए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।
पीड़ित परिवार का आरोप

कौशल निषाद की मां नेहा निषाद ने कहा कि उनका बेटा देश की सीमा पर दुश्मनों से लोहा ले रहा है, लेकिन गांव में पुलिसकर्मी ही उनके परिवार के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की और आरोप लगाया कि गांव में मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध कब्जे किए गए हैं। साथ ही उन्होंने अपनी जान को खतरे में बताया।
कैसे भड़का विवाद

3 सितंबर को जब कौशल निषाद अपने घर की छत पर भगवा झंडा फहरा रहे थे, तभी मचांदूर चौकी के दो आरक्षक मौके पर पहुंचे और उन्हें रोकने के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि यह कार्रवाई मुस्लिम समुदाय के दबाव में की गई। घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और भाजयुमो कार्यकर्ता सक्रिय हो गए।
भाजयुमो का शक्ति प्रदर्शन

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया ने कौशल निषाद के घर पहुंचकर कई भगवा ध्वज फहराए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। टिकरिया ने कहा कि स्वयं गृह मंत्री विजय शर्मा ने उन्हें यह ध्वज सौंपा है और सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में भगवा का अपमान हुआ था, लेकिन भाजपा सरकार में कार्यकर्ता पूरी मजबूती से सनातन की रक्षा कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
ग्रामीण एसपी अभिषेक झा ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, वीडियो में दिख रहे एक आरक्षक को लाइन अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, जिस मुस्लिम युवक असलम पर धमकाने का आरोप है, वह निगरानीशुदा बदमाश है और उसके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।








