दुर्ग। थाना नेवई पुलिस ने करोड़ों की ऑनलाइन ठगी से जुड़े चर्चित डिजिटल अरेस्ट केस में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फरार आरोपी लाईक अहमद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मामला क्या है?
पीड़िता नम्रता चन्द्राकर ने थाना नेवई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 अप्रैल 2025 को उसके पिता को एक मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को CBI अधिकारी बताकर परिवार पर मनी लॉन्ड्रिंग (₹2 करोड़) का आरोप लगाया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर परिवार से 54,90,000 रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराकर ठगी कर ली।
पहले पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने विवेचना के दौरान ठगी में शामिल 6 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था –
1. राजेश विश्वकर्मा उर्फ राजू पेंटर (लखनऊ, उप्र)
2. दीपक गुप्ता (लखनऊ, उप्र)
3. कृष्ण कुमार गुप्ता (लखनऊ, उप्र)
4. शुभम श्रीवास्तव (लखनऊ, उप्र)
5. ऋषिकेश जोशी (ठाणे, महाराष्ट्र)
6. चंदन बालकरण सरोज (ठाणे, महाराष्ट्र)
फरार आरोपी की गिरफ्तारी
फरार चल रहा सातवां आरोपी लाईक अहमद (निवासी- गोण्डा, उप्र, हाल मुकाम लखनऊ) पहले से ही लखनऊ साइबर क्राइम थाना के प्रकरण संख्या 98/25 समेत कई मामलों में जेल में बंद था। नेवई पुलिस ने उसकी संलिप्तता पाई और माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे लखनऊ जेल से दुर्ग लाकर गिरफ्तार किया।
दर्ज प्रकरण
अपराध क्रमांक 156/2025
धारा 318(4), 3(5), 338, 336(3), 340(2) BNS एवं 67(D) IT Act
दुर्ग पुलिस का संदेश
नेवई दुर्ग पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी जैसी वारदातों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। आम जनता से अपील है कि ऐसे कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
नेवई पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट ठगी का सातवां आरोपी दबोचा, कुल 7 गिरफ्तार








