रवि गहने खैरागढ़ जालबांधा । गांव की गलियों में चैन स्नेचिंग कर ‘बड़े-बड़े विलेन’ बनने का सपना देख रहे दो शातिर युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। जालबांधा चौकी और साइबर सेल खैरागढ़ पुलिस की फुर्ती ने इन्हें पकड़कर जेल की हवा खिलवा दी।
कैसे पकड़े गए शातिर?

21 अगस्त को ग्राम सलोनी की एक वृद्धा से पानी मांगने के बहाने सोने का मंगलसूत्र उड़ाकर ये दोनों युवक हीरो बन गए थे। लेकिन पुलिस ने ठान लिया था कि इन ‘सोने के सपनों वाले चोरों’ को सलाखों तक पहुंचाना ही है।
जैसे ही जांच शुरू हुई, गांव के ही दो परिचित चेहरे – मकसूदन साहू (21) और ओमप्रकाश साहू (19) पर शक की सुई घूमी। दोनों को उठाया गया, और पूछताछ में खुद ही राज़ खोल बैठे – “हाँ साहब, काम तो हमने ही किया है।”
पुलिस की बड़ी बरामदगी
आरोपियों के पास से बरामद हुआ:
03 सोने के लॉकेट
02 सोने के नेकलेस
चांदी के बिछिया, कड़ा, अंगूठी, ताबीज, करधन, पायल
और हिट बाइक जिस पर फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया गया था।
कुल बरामदगी की कीमत लगभग ₹3.5 लाख आँकी गई।
गांव के ‘क्राइम मास्टर GOGO’ बने जेल यात्री
पुलिस की सख़्ती में आरोपियों ने यह भी कबूल कर लिया कि रायपुर, धमतरी और बालोद में भी चोरी-डकैती का हाथ साफ़ किया है। सोचिए! गांव से निकले ‘लौंडे’ सीधा इंटर-डिस्ट्रिक्ट क्रिमिनल बनने का सपना देख रहे थे। मगर पुलिस ने सपना चूर-चूर कर दिया और अब दोनों ‘क्राइम मास्टर’ न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं।
पुलिस की चेतावनी
खैरागढ़ पुलिस ने साफ कहा – “गांव हो या शहर, चैन स्नेचिंग जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अपराधियों के लिए जगह सिर्फ जेल है।”








