रवि गहने खैरगढ़/जालबांधा।जालबांधा ग्राम पंचायत में पदस्थ पंचायत सचिव दुलार कोसरे पर गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव पिछले 16 वर्षों से इसी पंचायत में कार्यरत है, लेकिन बार-बार आदेश मिलने के बावजूद मुख्यालय में निवास नहीं करता और रोजाना 22 किमी दूर से आता है। इस कारण पंचायत का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की अनुपस्थिति के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, नाम जोड़ने-कटवाने, निराश्रित पेंशन फॉर्म जैसे जरूरी कार्यों के लिए लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं सचिव की मनमानी और भ्रष्टाचार से पंचायत की आय का सही हिसाब-किताब भी संदेह के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत में बीते 15 वर्षों में लगभाग 40 लाख रुपये का किराया आया है, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं हुआ। पंचायत भवन के निर्माण व मरम्मत पर भी बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, पंचायत सचिव की मिलीभगत से ग्राम पंचायत की आय और राशि का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाने की शिकायतें सामने आई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सचिव की कार्यप्रणाली से गांव की जनता बेहद परेशान है। उनकी मांग है कि पंचायत सचिव को तुरंत अन्य पंचायत में स्थानांतरित कर उसकी भूमिका की जांच कराई जाए। साथ ही पंचायत की आय-व्यय का भौतिक सत्यापन कर भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब तक 15 वर्षों से जमे सचिव ने पंचायत को अपना “निजी साम्राज्य” बना लिया है। शासन और प्रशासन को इस पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि गांव की जनता को न्याय मिल सके।
16 साल से जमे पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार, ग्रामीणों ने स्थानांतरण मांगा








