ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पीसीसी से नियुक्त प्रभारी डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कोंडागांव में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
“प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री तक झूठ बोल रहे”
विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप बताया निराधार
डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि भाजपा यह गलत प्रचार कर रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से भ्रामक है।
2023 में ही बन चुका है कानून
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू क्यों नहीं?
उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है और कानून बन चुका है। सवाल उठाया गया कि इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया।
परिसीमन बिल के बहाने आरक्षण मुद्दा
भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल
ध्रुव ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन संशोधन बिल लाना चाहती थी। 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक में महिला आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान नहीं था।
लोकसभा सीट बढ़ाने का प्रस्ताव
850 सीटों का किया गया था प्रावधान
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने की योजना थी, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित थीं।
जनगणना के आंकड़ों पर सवाल
पुराने डेटा से परिसीमन क्यों?
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब नई जनगणना और जातिगत जनगणना की प्रक्रिया जारी है, तो 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है।
तुरंत लागू हो सकता है आरक्षण
परिसीमन का इंतजार क्यों?
ध्रुव ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो मौजूदा सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर रही।
2034 तक टल सकता है लागू होना
संशोधन से तुरंत लागू करने की मांग
उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून के अनुसार महिला आरक्षण 2034 से लागू हो सकता है, जबकि संशोधन कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सकता है।
कांग्रेस शुरू से रही समर्थक
इतिहास गिनाते हुए भाजपा पर हमला
कांग्रेस ने दावा किया कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण कांग्रेस की ही देन है।
- 1989 में राजीव गांधी ने पहली बार प्रस्ताव रखा
- 1993 में पीवी नरसिम्हा राव सरकार ने इसे लागू किया
- 2010 में मनमोहन सिंह सरकार ने संसद में विधेयक पारित कराया
“परिसीमन की मंशा विफल”
विपक्ष की एकजुटता का किया जिक्र
ध्रुव ने कहा कि भाजपा की परिसीमन की मंशा विपक्ष की एकजुटता से विफल हो गई, जिसके बाद अब महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष रवि घोष, महामंत्री रितेश पटेल, शहर अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन, महिला अध्यक्ष हेमा देवांगन सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।








