Buy Advt. Space

मुख्यमंत्री की ‘विष्णु की पाती’ पाकर लोक साहित्यकार डॉ. जयमती कश्यप हुईं अभिभूत, जताया आभार

By

शिक्षा, पोषण और गोंडी भाषा-साहित्य के संरक्षण में योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लोक साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. जयमती कश्यप को भेजा गया आत्मीय पत्र ‘विष्णु की पाती’ उनके लिए विशेष सम्मान और प्रेरणा का माध्यम बना है। मुख्यमंत्री द्वारा उनके सामाजिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना किए जाने पर डॉ. जयमती कश्यप ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके प्रति आभार जताया है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को सराहा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में डॉ. जयमती कश्यप द्वारा बच्चों की शिक्षा, पोषण तथा गोंडी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में 12 वर्षों और पोषण के क्षेत्र में 5 वर्षों से दी जा रही उनकी सेवाओं को समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण बताया।

उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी सराहनीय बताया।

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की प्रशंसा

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि डॉ. कश्यप के साथ कार्य करने वाली महिलाएं अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर रही हैं। साथ ही वे बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

ग्रामीण महिलाओं को अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बनाने की दिशा में डॉ. कश्यप की पहल को भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया।

गोंडी भाषा और लोक साहित्य के संरक्षण में योगदान

डॉ. जयमती कश्यप द्वारा गोंडी लोकगीतों के गायन और गोंडी साहित्य के माध्यम से स्थानीय भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने उन्हें रानी दुर्गावती सम्मान एवं राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित होने पर बधाई भी दी।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं और बच्चों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में डॉ. जयमती कश्यप का योगदान समाज के लिए सार्थक और प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री के पत्र को बताया निरंतर कार्य करने की प्रेरणा

मुख्यमंत्री से मिले इस आत्मीय संदेश पर डॉ. जयमती कश्यप ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यों को पहचान और प्रोत्साहन मिलना उनके लिए गर्व एवं सम्मान की बात है। यह पत्र उन्हें समाजहित में निरंतर कार्य करते रहने की नई प्रेरणा देता है।

उन्होंने शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण तथा गोंडी भाषा-साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Related News

Leave a Comment