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अटूट संकल्प और सतत प्रयास से ही मिलती है सफलता : रूप सिंह मंडावी

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प्रतियोगी परीक्षार्थियों से किया संवाद, सफलता के दिए मंत्र

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवकोंडागांव, जीवन में सफलता के लिए परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी नहीं है। विपरीत परिस्थितियों के बीच भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहना और निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। अटूट संकल्प, अनुशासन, धैर्य और सतत प्रयास के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह प्रेरणादायक संदेश छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग संस्थान, कोंडागांव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान दिया।

विद्यार्थियों से जाना पढ़ाई और भविष्य का लक्ष्य

संस्थान पहुंचने पर शिक्षकगण, सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने श्री मंडावी का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सहज वातावरण में संवाद कर उनकी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, लक्ष्य एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को सुना और पूरी लगन एवं एकाग्रता के साथ लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर, आदिवासी विकास विभाग कोंडागांव के सहायक संचालक सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

असफलता से घबराएं नहीं, प्रयास रखें निरंतर

श्री मंडावी ने कहा कि सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। लक्ष्य की ओर बढ़ते समय कठिनाइयां और असफलताएं सामने आती हैं, लेकिन असफलता के कारण रुक जाना उचित नहीं है। कई प्रयासों के बाद भी सफलता न मिले तो निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर नए उत्साह के साथ फिर प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी धैर्य और निरंतरता की परीक्षा है। नियमित अध्ययन, आत्मअनुशासन और निरंतर अभ्यास से ही सफलता हासिल की जा सकती है। जो विद्यार्थी प्रयास करना नहीं छोड़ता, उसके लिए असफलता कभी अंतिम पड़ाव नहीं होती।

परिस्थितियों को लक्ष्य की राह में बाधा न बनने दें

श्री मंडावी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी प्रकार की समस्या होती है। किसी के सामने आर्थिक कठिनाई होती है तो किसी के सामने पारिवारिक जिम्मेदारियां। इन समस्याओं को अपने लक्ष्य की राह में स्थायी बाधा नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों को कमजोरी मानने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए संघर्ष और मेहनत जारी रखने वाला विद्यार्थी ही भविष्य में सफलता की मजबूत नींव रखता है।

समय का सदुपयोग और मोबाइल से दूरी जरूरी

उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, मोबाइल एवं अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने, नियमित अध्ययन करने तथा अपनी तैयारी का लगातार मूल्यांकन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य जितना बड़ा होगा, उसे हासिल करने के लिए मेहनत, धैर्य और त्याग भी उतना ही अधिक करना पड़ेगा।

लक्ष्य कोचिंग संस्थान के प्रयासों की सराहना

श्री मंडावी ने लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, समर्पित शिक्षकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य संस्थान युवाओं को निःशुल्क कोचिंग और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर उनके सपनों को साकार करने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। संस्थान से पूर्व में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

श्री मंडावी के प्रेरणादायक संबोधन से विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ। विद्यार्थियों ने भी उनके साथ संवाद करते हुए अपनी तैयारियों और लक्ष्यों से संबंधित बातें साझा कीं।

कार्यक्रम के अंत में कोचिंग संस्थान के शिक्षकगण एवं सदस्यों ने श्री मंडावी तथा उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्थान की ओर से कहा गया कि ऐसे प्रेरणादायक संवाद विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति अधिक गंभीर और समर्पित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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