ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांवज्ञ। जिले के मर्दापाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लखापुरी के ग्राम एहरा में प्राथमिक विद्यालय भवन को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। विद्यालय के पास स्वयं का भवन नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
निजी भूमि पर संचालित हो रहा था स्कूल
शाला प्रबंधन समिति की बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर अब तक विद्यालय संचालित हो रहा था, वह स्थानीय ग्रामीण पोहड़ू राम कोर्राम की निजी भूमि है। हाल ही में हुए विवाद के बाद भूमि स्वामी द्वारा आपत्ति जताए जाने से वहां विद्यालय संचालन बंद करना पड़ा।
बंजर भूमि पर भवन निर्माण का निर्णय
इसके बाद शाला प्रबंधन समिति और ग्रामीणों की सहमति से गांव में स्थित शासकीय बंजर भूमि पर नवीन शाला भवन निर्माण का निर्णय लिया गया। हालांकि, भवन निर्माण की स्वीकृति अब तक नहीं मिल पाई है।
पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे
वर्तमान में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्यालय का संचालन पेड़ के नीचे बनी अस्थायी झोपड़ी में किया जा रहा है। यहां कक्षा पहली से पांचवीं तक के लगभग 55 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो धूप, बारिश और अन्य जोखिमों के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ग्राम एहरा के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शीघ्र नवीन शाला भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई है।
25 वर्षों से जर्जर है पुराना भवन
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम एहरा में पुराना विद्यालय भवन पिछले 25 वर्षों से जर्जर अवस्था में है। वर्तमान हालात में बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है और हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
शीघ्र कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बच्चों की शिक्षा पूरी तरह बाधित हो सकती है और उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा।








