ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोंडागांव जिले को पूर्णतः नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद जिले में शांति, सामान्य व्यवस्था और विकास कार्यों की नई शुरुआत हुई है। इसके साथ ही पुलिसिंग व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है।
ऑपरेशन के दौरान उपयोग में थी कैमफ्लाज वर्दी
पूर्व में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान जिले के जंगलों, पहाड़ी एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सर्चिंग और घेराबंदी जैसे कार्यों के लिए पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी कैमफ्लाज वर्दी का उपयोग करते थे। यह वर्दी सुरक्षा, छिपाव और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी साबित हुई और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभाई।
अब खाकी वर्दी में नजर आएंगे पुलिसकर्मी
जिला नक्सल मुक्त होने के बाद अब सामान्य पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनसेवा को और अधिक पारदर्शी व नागरिक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी के दौरान खाकी वर्दी धारण कर रहे हैं।
जनता के साथ बढ़ेगा विश्वास और संपर्क
खाकी वर्दी पुलिस की पारंपरिक पहचान है, जो जनता के साथ प्रत्यक्ष संपर्क, विश्वास और सहयोग को बढ़ाने में सहायक होगी। इससे पुलिस बल अधिक सुलभ, पहचानने योग्य और जवाबदेह बनेगा।
शांति और सामान्य स्थिति का स्पष्ट संकेत
यह बदलाव जिले में शांति की स्थापना और सामान्य स्थिति की बहाली का स्पष्ट संदेश देता है। इससे आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। किसी भी प्रकार की सूचना, शिकायत या सहायता के लिए नागरिक नजदीकी थाना, कंट्रोल रूम या पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।








