20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की दिशा में बढ़ेगा कदम
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, राज्य शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में मिला योजना का लाभ
संकल्प सेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में कोण्डागांव के सरगीपाल पारा निवासी श्रमिक श्रीमती ममता साहू की पुत्री कुमकुम को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। श्रम विभाग में श्रमिक परिवार का पंजीयन होने के कारण कुमकुम को योजना का लाभ मिला।
आत्मनिर्भरता की दिशा में मिलेगी मदद
योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता कुमकुम के लिए कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार अथवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का माध्यम बनेगी। आर्थिक सहयोग मिलने से उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर अवसर तलाशने में मदद मिलेगी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उनका कदम मजबूत होगा।
पहली दो बेटियों को मिलती है 20 हजार की सहायता
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पहली दो अविवाहित बेटियों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार या विवाह के लिए 20 हजार रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीयन होना आवश्यक है। इसके साथ ही पुत्री की आयु 18 से 21 वर्ष के बीच तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है।
कुमकुम ने जताया आभार
योजना का लाभ मिलने पर कुमकुम ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। यह सहायता उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।








