ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले की कृषि सखियों की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिले में कुल 576 कृषि सखियों में से अब तक 400 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि शेष कृषि सखियों का प्रशिक्षण जारी है। इस पहल का उद्देश्य कृषि सखियों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं व्यावहारिक कौशल की जानकारी देकर गांवों में किसानों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए तैयार करना है।
आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल प्रबंधन की दी जा रही जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कृषि सखी मास्टर ट्रेनरों द्वारा विभिन्न कृषि विषयों पर जानकारी दी जा रही है। इसमें सब्जियों की उन्नत खेती, धान की फसल में लगने वाले रोगों एवं कीटों की पहचान, कीटों के प्रकार और उनके प्रभावी प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
इसके साथ ही मक्का की खेती, धान की प्रमुख बीमारियों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपायों के बारे में भी कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें फसलों में होने वाली समस्याओं को समय पर पहचानने और किसानों को उचित कृषि सलाह देने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है।
कृषि विभाग के समन्वय से मिलेगा तकनीकी सहयोग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के अभिसरण से विभिन्न कृषि गतिविधियों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि सखियों और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन समय पर मिल सके।
इस समन्वय से कृषि सखियां किसानों तक विभागीय जानकारी पहुंचाने तथा कृषि संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
गांवों में शिविर लगाकर किसानों को करेंगी जागरूक
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कृषि सखियां अपने-अपने गांवों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं फसल प्रबंधन की जानकारी देंगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार शिविर और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने, रोगों एवं कीटों की पहचान करने तथा उनके उचित प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। कृषि सखियां बिहान के अंतर्गत अपने निर्धारित कार्यों के साथ कृषि संबंधी गतिविधियों को भी आगे बढ़ाएंगी।
कृषि सखियों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
जिले की सभी 576 कृषि सखियों को प्रशिक्षित करने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से कृषि सखियों की तकनीकी समझ और व्यावहारिक कौशल को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सहायता कर सकेंगी। साथ ही, कृषि संबंधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने से आजीविका के नए अवसर विकसित करने में भी मदद मिलेगी।








