जलाशय संरक्षण-संवर्धन के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया गया पौधरोपण
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के प्रति 25 वर्ष के सेवा एवं समर्पण के पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को जल संसाधन संभाग कोण्डागांव के उप संभाग माकड़ी अंतर्गत केरावाही जलाशय में ‘जल स्रोत जांच एवं सुधार कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन, स्वच्छता तथा जलाशय की उपयोगिता एवं जल संचयन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना रहा।
जलाशय के विभिन्न हिस्सों का तकनीकी निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान केरावाही जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र, बांध, सीपेज क्षेत्र, जल प्रवाह से जुड़े हिस्सों तथा नहरों की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों एवं तकनीकी अमले ने जल संरचना की वर्तमान स्थिति, जल संरक्षण की संभावनाओं तथा आवश्यक रखरखाव एवं सुधार कार्यों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली।
जनभागीदारी से जल स्रोतों की स्वच्छता पर जोर
जलाशय परिसर में जनभागीदारी के माध्यम से साफ-सफाई एवं संरक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों को जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के महत्व की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि जलाशय एवं अन्य पारंपरिक तथा प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया गया वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जलाशय परिसर में पौधरोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल पर भी जोर दिया गया।
जल संसाधनों के दीर्घकालीन उपयोग पर जोर
कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर.एल. धीवर के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री पी.एल. सोनवानी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने जलाशय के संरक्षण एवं रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए जल संसाधनों के दीर्घकालीन उपयोग के लिए नियमित निगरानी और सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता बताई।
जल संरक्षण और भूजल संवर्धन की दिलाई शपथ
कार्यक्रम में जल संरक्षण, वर्षाजल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संतुलन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों से जलाशय एवं आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, जल का अनावश्यक दोहन नहीं करने तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
इस अवसर पर वर्षाजल संचयन (रैन हार्वेस्टिंग) एवं भूजल संवर्धन को लेकर उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई गई। साथ ही जल स्रोतों के आसपास हरियाली बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
विभाग और ग्रामीणों के समन्वय से संरक्षण पर बल
जल संसाधन विभाग ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जल स्रोतों की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। केरावाही जलाशय सहित क्षेत्र के अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभाग और स्थानीय समुदाय के समन्वय से कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भगवती महेश नेताम, जनपद सदस्य श्री मनोज नेताम, सरपंच प्रतिनिधि श्री बलिराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे।








