मोमोज सेंटरों में घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग का आरोप, जांच की मांग
जालबांधा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर जालबांधा क्षेत्र में हितग्राहियों की परेशानी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, वहीं कुछ दुकानों और मोमोज सेंटरों में घरेलू गैस सिलेंडरों का कथित तौर पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
गैस के लिए करना पड़ रहा इंतजार
हितग्राहियों का कहना है कि गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें पहले मिस्ड कॉल के माध्यम से बुकिंग करनी पड़ती है। इसके बाद कई बार लगभग 6 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर गैस उपलब्ध नहीं होने से उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को घरेलू कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानों में घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी बीच क्षेत्र की कुछ दुकानों और मोमोज सेंटरों में घरेलू उपयोग के लिए जारी गैस सिलेंडरों का खाना बनाने सहित व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
फूड लाइसेंस को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने संबंधित दुकान और मोमोज सेंटर के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों के पास खाद्य विभाग का आवश्यक लाइसेंस नहीं है। इस संबंध में भी जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वास्तविक हितग्राहियों को हो रही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को घरेलू ईंधन की सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि योजना के तहत जारी घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, तो इसका सीधा असर वास्तविक हितग्राहियों पर पड़ सकता है।
खाद्य विभाग और प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने खाद्य विभाग, गैस एजेंसी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि यदि जांच में उज्ज्वला योजना के घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है, तो नियमानुसार संबंधित कनेक्शन पर कार्रवाई की जाए।
अब शिकायत के बाद यह देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।








